धरा पर उतर

चांद को छू ले

एक बार,

फिर धरा पर उतर,

पांव रख।

आज मैं साथ तेरे

कल अकेले

तुझे आप ही

सारी सीढि़यां नापनी होंगी।

जीवन में सीढि़यां चढ़

सहज-सहज

चांद आप ही

तेरे लिए

धरा पर उतर आयेगा।