शाम

हाइकु

शाम सुहानी

चंद्रमा की चांदनी

मन बहका

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शाम सुहानी

पुष्प महक उठे

रंग बिखरे

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किससे कहूं

रंगीन हुआ मन

शाम सुहानी

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शाम की बात

सूरज डूब रहा

मन में तारे